सोशल साइट्स पर सक्रिय साथियो से आग्रह

साथियों, आज 23 जुलाई 2013 है और हमारी हड़ताल जारी है । हम अपनी मांगों के साथ दो चरण की वार्ता सरकार के साथ कर चुके हैं ।
                   वार्ता में हुए बातों का सारांश हम अपने वेबसाइट www.biharnrega.com और फेसबुक के अपने पेज https://m.facebook.com/biharnrega पर रख चुके हैं ।
         आन्दोलन का दौर चल रहा है और 10 सदस्यीय वार्ता टीम बिहार के साथियों के साथ संवाद कायम कर सभी के विचार ले रही है । हमने कोई निर्णय नहीं लिया है । कुछ जरुरी विचार के लिए प्रदेश अध्यक्ष श्री रतिकांत आज़ाद ने एक गुप्त बैठक का मैसेज सभी जिलाध्यक्ष को किया, लेकिन कुछ जिला अध्यक्ष ने मीटिंग की बातों को सार्वजनिक कर अपने हल्केपन का परिचय दिया है ।
         कुछ साथियों की मांग है कि हर बात को हमारे साइट्स और सोशल मीडिया में तुरंत रखा जाय । हम आपकी भावना की क़द्र भी करते हैं लेकिन क्या ये सही होगा ? संघर्ष हमेशा रणनीति से जीती जाती है । हो सकता है हमारे कुछ साथी को यह बुरा लगे कि रण तो खुला होता है, नीति हमेशा गुप्त होनी चाहिए । आखिर सेना के हर जवान को सेनानायक रणनीति बताने लगे, हर की राय पर चलने लगे तो सफलता मिलेगी ? बिहार पंचायत रोजगार सेवक संघ एक वृहद् परिवार है और प्रखंड, जिला और राज्य स्तर पर एक निर्वाचित कार्यकारणी है । सभी का चुनाव लोकतान्त्रिक तरीके से हुआ है । सभी निर्णय सभी के मनोकुल नहीं हो सकता है और ना ही सभी परिस्थिति को बिना बताये समझ सकते हैं और ना ही साइट्स के माध्यम से सभी बातों को रखा जा सकता है ।
               प्रदेश अध्यक्ष श्री रतिकांत आज़ाद तकनीक के ज्ञाता ना हो, अपनी टीम में तकनीकी जानकारों की टीम एक अलग बनाये हुए हैं । याद कीजये पिछले आन्दोलनों को, महज कुछ सौ साथियों तक हमें अपनी बात में बहुत मेहनत करनी पड़ती थी । आज साइट् और सोशल मीडिया के माध्यम से हम कई हजार साथियों तक ना केवल अपनी बात पहुचा रहें हैं, बल्कि उनके विचारों को भी जान पा रहे हैं ।
                आज जिस सोशल मीडिया का प्रयोग हम सकारात्मक बातों के लिए कर रहे हैं, हमारे ऊँगली पर गिनने जितने साथी सोशल मीडिया के नए खिलाड़ी दुष्प्रचार में लगे हैं । उनके page, account, group को देखकर ये सहज ही पता चल जाता है । तकनीक की इस दुनिया में किसी बात का पता करना असंभव नहीं है । भले ही इन कुछ साथियों से हमें कोई फर्क नहीं पड़ता हो, उनकी बातों को हवा देने वाले कमेंट्स से हम जरुर आहत होते हैं । कुछ साथी ऐसे-ऐसे पोस्ट डालते हैं, जिससे लगता है कि वे बहुत ही समर्पित और जुझारू साथी हैं (सभी नहीं),लेकिन सच्चाई ठीक विपरीत है । उत्तेजक पोस्ट डालने वाले कुछ साथी घर में बैठकर आन्दोलन बरगलाने की कोशिश कर रहे हैं । वे अपने जिला की बैठक तक में नहीं जा पाते, फ़ोन करने पर कभी उनकी पत्नी बीमार हो जाती है,कभी बच्चे,कभी माँ, कभी पिताजी तो कभी खुद । लेकिन पोस्ट डालेंगे क्रांतिकारी की तरह । ऐसे साथी जान लें कि -
1. वे सोशल मीडिया को हल्के में ना लें । "बन्दर की हाँथ में नारियल" की कहावत को चरितार्थ ना करें । सकारात्मक अर्थों में सोशल मीडिया का प्रयोग करें ।
2. गलतियों की आलोचना होनी चाहिए, अपने तीखे विचार भी रखनी चाहिए, लेकिन शब्दों के चयन में सावधानी जरुरी है । छिछ्लेदार शब्दों के प्रयोग से आपका आक्रोश कम, आपकी सांस्कृतिक विकृतता अधिक झलकती है ।
3. सोशल मीडिया से आंदोलन को दिशा दी जा सकती है, आन्दोलन को चलाया नहीं जा सकता । आप घर में बैठकर सोशल मीडिया से कोई क्रांति नहीं कर सकते ।
4. यदि आपको संघ के किसी मुद्दे पर असहमति है तो आप अपने जिला के बैठक में उसे रखें या आप हमारे ईमेल आईडी biharnrega@gmail.com पर अपने विचार सीधे मेल कर सकते हैं । सोशल मीडिया में संघ के मुद्दे उछालने से आप सभी साथियों के साथ खुद का भी नुकसान कर रहे हैं । ईमेल से प्राप्त विचारों पर पूरी टीम गंभीरता से सोचती है ।
5. आज आप लेपटॉप या स्मार्टफोन खरीद लिए हैं तो अपने को बहुत स्मार्ट मत समझये । संघ की साईट उस समय से चल रहा है, जब आपके पास ये साधन नहीं थे । संघ के नाम से पेज, ग्रुप, आईडी बनाकर भद्दी टिप्पणी करने वाले जान लें कि तकनीक की दुनिया में आपकी पहचान छुप नहीं सकती । भारत में बिहार पहला राज्य है, जहाँ पंचायत रोजगार सेवक संघ का अपना वेबसाइट www.biharnrega.com है । तकनीक के जानकारों की टीम है ।
            हम अपने समर्पित साथियों से कहना चाहते हैं कि बेकार के पोस्ट को ना तो शेयर करें और ना ही उसपर अपना नकारात्मक कमेंट्स डालें । जहाँ तक हो सके ऐसे पोस्ट का विरोध करें ।

हड़ताल जारी है

साथियों, सरकार के साथ दूसरे चरण की वार्ता के बाद सरकार ने निम्न सुविधा देते हुए संघ को हड़ताल समाप्त करने का प्रस्ताव दिया है -
1. कोई भी पंचायत रोजगार सेवक को बर्खास्त करने से पूर्व संघ से राय और सरकार से अनुमति लेना अनिवार्य होगा । जिला स्तर के कोई भी अधिकारी मनमाने बर्खास्तगी की कार्यवाई नहीं कर सकेंगे । सरकारी कर्मियों को बर्खास्त करने वाली सभी कार्यवाही का अनुपालन पंचायत रोजगार सेवक के साथ किया जायेगा ।
2. बिहार सरकार के अधीन होने वाले बहाली में पंचायत रोजगार सेवक को 25 से 50 अंक तक का वेटेज दिया जायेगा । इस मुद्दे पर वार्ता के अगले चरण में अंतिम निर्णय होगा ।
3. हर पंचायत रोजगार सेवक का सेवा-पुस्त (सर्विस बुक) बनेगा ।
4. हड़ताल अवधि के मानदेय में कटोती नहीं की जाएगी ।
5. हम डी0आर0डी0ए0 कर्मी बने रहेंगे । BRDS के साथ हमारा कोई अनुबंध पत्र नहीं होगा ।
6. माह में हर बुधवार की जगह दो बुधवार को जाँच होगी ।
7. किसी भी जाँच में अनिमिताता पाए जाने पर पंचायत कार्यकारणी, मुखिया, PTA, JE, AE, PO समेत सभी अधिकारी को समान जिम्मेवार माना जायेगा । अधिकार और जिम्मेदारी एक जैसे निर्धारित होंगें । केवल पंचायत रोजगार सेवक पर कार्यवाई नहीं की जा सकेगी ।
8. कम मानव दिवस सृजन के आरोप में बर्खास्त सभी पंचायत रोजगार सेवक पुनः अपने काम पर बहाल होंगे ।
9. कम मानव दिवस सृजन के आधार पर कोई बर्खास्तगी नहीं की जा सकेगी ।
10. पंचायत रोजगार सेवक का गृह जिला में स्थानांतरण होगा । 3 से 4 जिले चुनने का विकल्प होगा ।
  अभी तक सरकार ने इतने प्रस्ताव देकर हमें कार्य पर लौटने को कहा है । हमने अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है । हम हड़ताल पर बने हुए हैं । हम सरकार और संघ के सभी जिलाध्यक्ष के संपर्क में हैं ।
  हमारे और सरकार के कुछ पक्ष ऐसे भी हैं, जिन्हें यहाँ रखना आत्मघाती हो सकता है, इसलिए उन मुद्दों पर सभी नेतृत्वकर्ता आपस में राय कर रहे हैं ।
   भले ही वार्ता बंद कमरे में हुई हो, वार्ता में संघ के 10 प्रतिनिधि थे । हम वार्ता कर रहे हैं और हड़ताल पर बने हुए हैं । हमने वार्ता की मुख्य बातों को आपके समक्ष रखा । इन मुद्दों पर आप भी अपनी राय दें, जिसके आधार पर हम आगे निर्णय ले सकें ।

21/07/2014 का आन्दोलन स्थगित

बिहार के पंचायत रोजगार सेवक को गुमराह करने की नापाक कोशिश सोशल साईट पर चल रही है, आप सभी से आग्रह है कि आप भी अपने विवेक से फैसला ले सकते हैं -
1. 21/07/2014 को बिहार धरना-प्रदर्शन कार्यक्रम को स्थगित करने का निर्णय प्रदेश अध्यक्ष श्री रतिकांत प्रसाद आज़ाद ने कार्यकारणी की सलाह से लिया है ।  धरना-प्रदर्शन को केवल स्थगित किया गया है, आन्दोलन को नहीं । हमारा हड़ताल और संघर्ष जारी है ।
2. हँसना और रोना एक साथ नहीं हो सकता । हम आन्दोलन कर रहे हैं, अपनी मांग पूरी करने के लिए । हर कोई याद रखें -हम मांग कर रहे हैं सरकार से । कोई भी मांग केवल पत्रों के माध्यम से पूरी नहीं हो सकती । मांग-पत्र पर दोनों पक्ष को अपने विचार और अपनी कठिनाई को सामने रखना पड़ता है । यदि संघ और सरकार के बीच पुनः वार्ता होने की मध्यस्था हो रही है तो फिर मध्यस्थ की भी भावना का आदर होना चाहिए । जब सरकार वार्ता करने को तैयार है, हम वार्ता से पीछे हटें तो ये हमारी मुर्खता होगी । हमारी मांग टेबुल पर ही मानी जाएगी, सड़क पर नहीं । आन्दोलन की मूल भावना होती है - मांग मानने के लिए विवश करना । यदि हमारी मांग पर सरकार सोचना चाहती है उसे समय देना चाहिए । जिस प्रकार संघ में कोई एक व्यक्ति कोई निर्णय नहीं ले सकता, उसी तरह सरकार में भी कोई एक पदाधिकारी या मंत्री हमारी मांग पर निर्णय नहीं ले सकता । हम हड़ताल पर बने हैं, सरकार सोचकर जबाब देगी तो हम भी सोचकर सरकार को जबाब देंगे । हमें नहीं लगता है कि कोई साथी इससे असहमत होगा ।
3. अब आते हैं सोशल साइट्स पर चल रहे दुष्प्रचार पर । कहावत है- प्रेम और युद्ध में बहुत सी बातें अनेतिक होते हुए भी जायज हैं । हमारी मांग पर सरकार के होश गायब हैं । एक तरफ तो सरकार वार्ता करना चाहती है, दूसरी ओर पर्दे के पीछे से हमारे ही कुछ साथी जिनको मंच, माला और माइक बहुत प्रिय है, सरकार की चमचागिरी कर और साथियों की नजर में रतिकांत आज़ाद को गिराकर अपने को मूल्यवान साबित करना चाह रहे हैं । ये ऐसे चिल्ला रहे हैं, जैसे हमने धरना-प्रदर्शन को स्थगित कर कोई बहुत बड़ा गुनाह कर दिया । ऐसे लोग याद रखें - पिछले कई आन्दोलन को उन्होंने ही बिना किसी नतीजे के ही खत्म किया है । माना कि हमसे भी कई गलतियाँ हुई है, लेकिन कभी भी बिना कोई लाभ लिए हम वापस नहीं हुए । इसबार हम अपनी मांग पर अडिग हैं और आधे-अधूरे मांग मानने से वापस नहीं होंगे । अब इन्हें पेट में दर्द हो रहा है कि यदि आज़ाद के नेतृत्व में मांग मान ली जाती है तो हमारा क्या होगा ? समायोजन का लोभ दिखाकर चंदा वसूली हो पायेगी ?
4. हम रण (संघर्ष, आन्दोलन) कर रहे हैं । रण हमेशा रणनीति से जीती जा सकती है । रण हमेशा मैदान में होता है और नीति हमेशा नेतृत्व सभी के विचार जानने के बाद बनता है । हमने आज तक कई आन्दोलन किये, लेकिन पूर्ण सफलता नहीं मिलने का मुख्य कारण ये भी रहा कि हम अपनी नीति को गुप्त नहीं रख पाते हैं । इसबार हम कोशिश कर रहे हैं कि सरकार हमारी रणनीति को नहीं जान पाए । जिला अध्यक्ष जैसे जिम्मेवार दो-तीन साथी अपनी रणनीति का खुलासा सोशल साइट्स पर कर देते हैं, जिससे वार्ता में हल्कापन आ जाता है । वार्ता चल रही है, वार्ता असफल रही, ये हुआ, वो हुआ - जैसे ओछे पोस्ट पर हमारे साथी दनादन प्रतिक्रिया देने लग जाते हैं । सोशल साईट का इस्तेमाल हो- सकारात्मक पहलु के लिए, संघ को मजबूत करने के लिए । जब दो-चार लोग वाले एक घर में मतभेद होता है तो हजारों सदस्यों वाले संघ में मतभेद सामान्य बात है । इन मतभेदों को एक साथ बैठकर दूर किया जा सकता है- सोशल साइट्स पर नहीं । ऐसे किसी पोस्ट को लाइक करने या कमेंट करने से बचें ।
5. हमें ख़ुशी है कि संघ का निर्णय जानने की उत्सुकता हमारे साथियों में रहती है । अति सर्वत्र वर्जयेत को भी समझाना होगा । जिस नेतृत्व पर आपने विश्वास किया है, वह प्रमाणिक है । आपने नेतृत्व दिया है तो आपको भरोसा भी है ये हम जानते हैं । किसी निर्णय को आपके राय के बिना अंतिम रूप नहीं दिया जायेगा ।

derc approves hike in delhis electricity tariff: राज्यवार खबरें: आज तक

     
ggrh,
Here's what's trending on Twitter this week.
 
     

Dr. Kumar Vishvas @DrKumarVishwas

राष्ट्रवादी मंहगाई @aajtak: कमरतोड़ महंगाई से जूझ रही जनता पर एक और मार, दिल्ली में 8.32 फीसदी बिजली महंगी....goo.gl/RU5FsN"

17 Jul

derc approves hike in delhis electricity tariff: राज्यवार खबरें: आज तक

कमरतोड़ महंगाई से जूझ रही पब्ल‍िक पर एक और मार पड़ी है. दिल्ली में बिजली की कीमत में बढ़ोतरी का ऐलान किया गया है. बिजली 8.32 फीसदी महंगी हो गई है.

1

Related tweet

Padmaja joshi @PadmajaJoshi

!!! @timesofindia: Malaysian plane with 295 on board crashes in Ukraine timesofindia.indiatimes.com/world/europe/M…"

17 Jul

Malaysian passenger plane with 295 on board crashes in Ukraine near...

A Malaysian passenger airliner with 295 people on board crashed in Ukraine near the Russian border, Interfax cited an aviation industry source as saying on Thursday.

1

Related tweet

India Today @IndiaToday

5 reasons why BJP should not try to form government in Delhi ow.ly/zgbC5

17 Jul

India Today

The BJP's attempts at forming a government in Delhi without the required numbers may damage the party in the long run.

1

Related tweet

Zee News @ZeeNews

Microsoft announces 18,000 job cuts in reorganization
zeenews.india.com/business/news/… pic.twitter.com/pe3rVVQbDf

17 Jul

1

Related tweet

PMO India @PMOIndia

PM @narendramodi and the President of Peru pic.twitter.com/2M75teIc6U

16 Jul

3

Retweets

Anam @anam_31fatima

17 Jul

1

Retweet

Arvind Kejriwal @ArvindKejriwal

Sources-Despite public outcry, LG likely 2 invite BJP 2 form govt 2day. BJP will accept it.....

17 Jul

2

Retweets

Mukesh Kejariwal @Mukesh_k

जब भी @BJPDelhiState देशहित में MLA खरीद सरकार बनाने को होती हैै, कुछ घटिया लोग इतना शोर मचाते हैं कि इन्हें चुप हो जाना पड़ता है

16 Jul

2

Retweets

Don't miss out. Stay up to date on what's happening.
Go to Twitter